धनबाद में भीषण भू-धंसान: एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, अवैध कोयला खनन पर उठे सवाल
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झारखंड के धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र के सोनारडीह में भू-धंसान की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने अवैध कोयला उत्खनन को हादसे की वजह बताया, जबकि प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
झारखंड के धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र स्थित सोनारडीह (टंडाबाड़ी बस्ती) में हुई भीषण भू-धंसान की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। 31 मार्च और 1 अप्रैल की दरमियानी रात अचानक जमीन धंसने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों की पहचान 70 वर्षीय मनोहर उरांव, 17 वर्षीय गीता कुमारी और 35 वर्षीय सरिता देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रात के समय अचानक जमीन धंस गई, जिससे घर मलबे में दब गया और परिवार के सदस्य बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सके।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से कथित अवैध कोयला उत्खनन किया जा रहा था, जिससे जमीन अंदर से खोखली और कमजोर हो गई थी। उनका कहना है कि प्रशासन और संबंधित प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
हादसे के बाद गैस रिसाव की खबरों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी, जिसके चलते आसपास के इलाकों में भय का माहौल बन गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र को खाली कराने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा गया है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में राहत एवं बचाव कार्य जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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मृतकों की पहचान 70 वर्षीय मनोहर उरांव, 17 वर्षीय गीता कुमारी और 35 वर्षीय सरिता देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रात के समय अचानक जमीन धंस गई, जिससे घर मलबे में दब गया और परिवार के सदस्य बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सके।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से कथित अवैध कोयला उत्खनन किया जा रहा था, जिससे जमीन अंदर से खोखली और कमजोर हो गई थी। उनका कहना है कि प्रशासन और संबंधित प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
हादसे के बाद गैस रिसाव की खबरों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी, जिसके चलते आसपास के इलाकों में भय का माहौल बन गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र को खाली कराने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा गया है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में राहत एवं बचाव कार्य जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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